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दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की लैंगिक समानता पहल, एक अधूरा कार्य जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता

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दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की लैंगिक समानता पहल, एक अधूरा कार्य जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता

फ़िरोज़पुर, मार्च 31, 2025: नारी का अधीनता व पक्षपात से बंधन मुक्त होना आज भी एक अर्ध निर्मित कार्य है जिस पर तत्काल ध्यान देना अति आवश्यक हो गया है। सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के दिव्य मार्ग दर्शन में संचालित दिव्य ज्योति जागृती संस्थान का लिंग समानता प्रकल्प ‘संतुलन नारी को आध्यात्मिक उत्थान के माध्यम से समग्र रूप से मुक्त और सशक्त करने में कार्यरत है।

इसी लक्ष्य की प्राप्ति करने व महिलाओं के भीतर गौरव जागृत करने हेतु फिरोजपुर शाखा की ओर से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में नारी शक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया । विश्व में आज की नारी ने शैक्षिक , सामाजिक राजनीतिक एवं वैचारिक स्वतंत्रता को प्राप्त कर लिया है, लेकिन यह ठीक वैसा ही है जैसे गहरे काले आकाश में कुछ तारे टिमटिमाते हैं। नारी सशक्तिकरण की सच्ची आभा लाने के लिए नारियों को अपने आध्यात्मिक अस्तित्व को भी खोजना होगा और आत्मिक जागरण के द्वारा उससे जुड़ना भी होगा। संस्थान के संस्थापक व संचालक दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की उक्त विचारधारा को उनकी शिष्याओं साध्वी करमाली भारती जी, साध्वी दीपिका भारती जी , साध्वी कृष्णा भारती जी एवं साध्वी सुहासिनी भारती जी ने उपस्थित महिलाओं के मध्य प्रस्तुत किया । साथ ही तपस्विनी सावित्री, ऋषिका अनसूया , अक्का महादेवी इत्यादि आत्म जागृत नारियों के दृष्टांत भी सुनाएं ।

साध्वी करमाली भारती जी ने अपने विचारों में बताया कि महिला मात्र स्वयं के लिए ही नहीं अभी तो संपूर्ण समाज के उत्थान हेतु प्रयासरत रहती है । इतिहास साक्षी है कई घटनाओं और कहानियों का , जहां महिलाओं ने अपने साहस , बहादुरी, बलिदान, संघर्ष और दृढ़ता को प्रत्यक्ष करते हुए समाज और राष्ट्र का उत्थान किया है । परंतु आज उसी नारी के लिए दुनिया में कदम रखने से पहले ही मन के गर्भ में ही चुनौतियां आरंभ हो जाती हैं। आज की महिलाओं की दयनीय स्थिति को देखते हुए सर्वश्री आशुतोष महाराज जी ने हजारों महिलाओं को ब्रह्म ज्ञान का संबल दे, उन्हें आज के समाज में स्वतंत्रता और आत्मविश्वास के विकास हेतु प्रेरित किया ।
साध्वी कृष्णा भारती व साध्वी सुहासिनी भारती जी ने कार्यक्रम के माध्यम से बताया कि नारी के विभिन्न गुण जैसे दया, प्रेम, मातृत्व और दृढ़ता आदि अत्यंत शक्तिशाली भावनाएं हैं जो न केवल परिवार को उपयुक्त , पृथ्वी पर स्वर्ग को लाने में सक्षम है । ऐसे गुणों से शोभित नारियां ही मां दुर्गा की शक्ति को प्रत्यक्ष करती है.

कार्यक्रम के दौरान दिव्य संगीत से प्रेरित प्रेरक गीतों से भरी भक्ति रचनाओं की श्रृंखला ने आयोजन के दौरान एक दिव्य आभा को निर्मित कर दिया।

महिलाओं ने कार्यक्रम द्वारा नारी की वास्तविक शक्ति का उनमें निहित दिव्यता का एहसास किया। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों के विरुद्ध फिर से दैवीय लहर को लाने के लिए शपथ ली।

उपरोक्त कार्यक्रम में मुख्य मेहमान के रूप में श्रीमती शक्ती चोपड़ा(Ex-प्रेसिडेंट भारतीय विकास परिषद फिरोज़पुर।) श्रीमती सोनिका मलीक (चेयरवुमन गुरुकुल मॉडल हाई स्कूल!) श्रीमती काजल शर्मा (चेयरवुमन बी एन इस मेमोरियल हाई स्कूल, खाई फेमें के।) एवं श्रीमती रेणु धवन (सीनियर सदस्य भारतीय विकास परिषद फिरोज़पुर!) शामिल हुए।


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