हिस्टोरियन डा. अनिरूद्ध गुप्ता के रंग लाए प्रयास, जल्द जनता के लिए खुलेगा ऐतिहासिक फिरोजपुर फोर्ट

हिस्टोरियन डा. अनिरूद्ध गुप्ता के रंग लाए प्रयास, जल्द जनता के लिए खुलेगा ऐतिहासिक फिरोजपुर फोर्ट
-पिछले लंबे समय से फिरोजपुर फोर्ट को जनता के लिए खोलने का प्रयास कर रहे थे डा. अनिरूद्ध गुप्ता-
फिरोजपुर, 28 मार्च, 2025: पर्यटक की संभावनाओ से परिपूर्ण फिरोजपुर में का ऐतिहासिक स्टार शेप्ड फिरोजपुर फोर्ट जल्द ही जनता के लिए खुलने जा रहा है। इस बात का खुलासा हिस्टोरियन व इंटेक फिरोजपुर चैप्टर के कन्वीनर डा. अनिरूद्ध गुप्ता ने किया। उन्होंने कहा कि द इंडिया नैशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चर हैरिटेज -इनटैक- के पंजाब चैप्टर के कन्वीनर मेजर जनरल रिटायर्ड बलविन्द्र सिंह सहित उनके द्वारा सैन्य अधिकारियो के साथ इसे धरोहर के रूप में प्रफुल्लित करने के लिए पत्र व्यवहार किया गया था, जिसके बाद सैन्य अधिकारियो ने इसकी मंजूरी दी है और जल्द ही इसे जनता के देखने के लिए खोला जाएगा।
डा. अनिरूद्ध गुप्ता ने बताया कि जल्द ही इसे खोलने की तिथि घोषित की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्तर पर इसे रविवार और गजटिड अवकाश के दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खोला जाएगा और इसके इतिहास की जानकारी सैलानियो को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फिरोजपुर फोर्ट की जानकारी देने के लिए ट्रेनड गाईड भी नियुक्त होंगे, जोकि इसके इतिहास से सभी को परिचित करवाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके खुलने से देश-विदेश से फिरोजपुर में पर्यटको की संख्या में बढ़ौतरी होगी, क्योंकि इसके साथ के पूरे विश्व में मात्र दो ही किले है, जिसमें एक फिरोजपुर और दूसरा स्कॉटलैंड में स्थित है।
हिस्टोरियन डा. अनिरूद्ध गुप्ता ने कहा कि यह वह किला है जहां देश का सबसे बड़ा असला बनाने का कारखाना हुआ करता था। यहां पर सरदार धन्ना सिंह का शासन था और इस किले की अंतिम रानी महारानी लक्ष्मण कौर थी। 1810 में यह किला ब्रिटिश शासन द्वारा 65 एकड़ में बनाया था। इस किल्ले पर अब सेना का शासन है और काफी हद तक किले की इमारत खंडहर बनी हुई है। पूरा किला स्टॉर आकार में बना हुआ है और इसमें फिरोजपुर का इतिहास छिपा हुआ है। इस किले में 200 ईमारते थी और हर ईमारत का एक नंबर दिया गया था। पहली ईमारत चीफ ऑर्डिनेंस अधिकारी की थी।
डा. अनिरूद्ध गुप्ता ने बताया कि यह पंजाब का सबसे बड़ा किला था और यहां असला बनता था। असले पर मेड इन फिरोजपुर लिखा होता था। द्वितीय विश्व युद्ध में यहीं के बने कारतूस इस युद्ध में इस्तेमाल हुए थे।
उन्होंने बताया कि किले में एक राज दरबार हॉल भी बना है, जोकि 400*100*50 फीट का है। यहां शाासक द्वारा बैठक करने के अलावा बाहर से आने वालो से मिलने सहित जनसभा व बड़े आयोजन किए जाते है। मजबूत दीवारो के साथ बना यह राजदरबार अब भी मौजूद है और दीवारे पूरी मजबूती से बनी हुई है।
इंटेक सदस्यों ने कहा कि जनता के लिए फिरोजपुर फोर्ट खुलने से जिले में रोजगार के साधन प्रफुल्लित होंगे। उन्होंने कहा कि इंटर की तरफ से यह बेहतर प्रयास किया गया है कि फिरोजपुर के ऐतिहासिक धरोहर का मुद्दा जोर-शोर के साथ प्रमुखता से उठाया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अगर फिरोजपुर को टूरिज्म में प्रमोट करने के लिए और प्रयास करें तो जिला काफी समृद्ध बन सकता है।



































































































